[Pdf] Durga Aarti Pdf In Hindi | जय अम्बे गौरी

[Pdf] Durga Aarti Pdf In Hindi | जय अम्बे गौरी

राजस्थान पाठशाला के पाठकों को नमस्कार, यदि आप Durga Aarti Pdf की खोज कर रहे है, तो आपकी खोजबीन यह पर समाप्त हुई, आप बिलुल सही जगह पर है आज हमारी टीम आप सभी पाठकों के लिए Durga Aarti Pdf जय अम्बे गोरी आरती लेकर आए है आप नीचे दिए गए आर्टिकल के माध्यम से जय अम्बे गौरी आरती को पढ़ सकते है साथ ही नीचे दिए गए Download बटन के माध्यम से Durga Aarti Pdf को Download भी कर सकते है। यह भी पढे:- Hanuman chalisa pdf in hindi

Durga Aarti Pdf
Durga Aarti Pdf

Durga Aarti Pdf In Hindi जय अम्बे गौरी आरती

यहा से आप Durga Aarti Pdf को पढ़कर दुर्गा म की आरती कर सकते है।

ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।
तुमको निशदिन ध्यावत, मैया जी को सदा मनावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ।।
ॐ जय अम्बे गौरी

मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को ।
उज्ज्वल से दोउ नैना, निर्मल से दोउ नैना, चन्द्रबदन नीको ।।
ॐ जय अम्बे गौरी ।

कनक समान कलेवर,,रक्ताम्बर राजै ।
रक्त पुष्प गलमाला, लाल कुसुम गलमाला, कण्ठन पर साजै ।।
ॐ जय अम्बे गौरी ।

केहरि वाहन राजत, खड़ग खप्परधारी ।
सुर नर मुनिजन सेवत, सुर नर मुनिजन ध्यावत, तिनके दुखहारी ।।
ॐ जय अम्बे गौरी ।

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती ।
कोटिक चन्द्र दिवाकर, कोटिक चन्द्र दिवाकर, सम राजत ज्योति ।।
ॐ जय अम्बे गौरी ।

शुम्भ निशुम्भ विडारे, महिषासुर घाती ।
धूम्र विलोचन नैना, मधुर विलोचन नैना, निशदिन मदमाती ।।
ॐ जय अम्बे गौरी ।

चण्ड मुण्ड संघारे, शोणित बीज हरे ।
मधुकैटभ दोउ मारे, मधुकैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे ।।
ॐ जय अम्बे गौरी ।

ब्रह्माणी रुद्राणी तुम कमला रानी ।
आगम निगम बखानी, चारों वेद बखानी, तुम शिव पटरानी ।।
ॐ जय अम्बे गौरी ।

चौसठ योगिनी गावत, नृत्य करत भैरू ।
बाजत ताल मृदंगा, बाजत ढोल मृदंगा, अरु बाजत डमरू ।
ॐ जय अम्बे गौरी ।

तुम हो जग की माता, तुम ही हो भर्ता ।
भक्तन की दुख हरता, संतन की दुख हरता, सुख-सम्पत्ति करता ।
ॐ जय अम्बे गौरी ।

भुजा चार अति शोभित, वर मुद्रा धारी ।
मनवांछित फल पावत, मनइच्छा फल पावत, सेवत नर नारी ।
ॐ जय अम्बे गौरी ।

कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती ।
श्री मालकेतु में राजत, धोळा गिरी पर राजत, कोटि रतन ज्योति ।
ॐ जय अम्बे गौरी ।

श्री अम्बे जी की आरती, जो कोई नर गावै, मैया प्रेम सहित गावें ।
कहत शिवानन्द स्वामी, रटत हरिहर स्वामी, मनवांछित फल पावै ।

ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी ।

तुमको निशदिन ध्यावत , मैया जी को सदा मनावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ।
ॐ जय अम्बे गौरी ।

Durga Aarti Pdf
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Durga Aarti Pdf In Hindi Download

Durga Aarti Pdf को डाउनलोड करने के लिए आपको नीचे दिए गए Download बटन पर क्लिक करना है, कुछ ही समय मे आपके सामने Durga Aarti Pdf download होकर या जाएगी जिसके बाद आप माँ दुर्गा की आरती कर सकते है

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Durga Aarti Pdf Details

यहाँ पर Durga Aarti Pdf के बारे मे विस्तरत जानकारी दी गई है।

NameDurga Aarti Pdf
Size0.79 MB
No. Of Page4
QualityHigh
Source Multiple
Last Update15-05-2023
LanguageHindi
Uploaded ByUs Kabawat
Durga Aarti Pdf

Durga Aarti Pdf In English

Here Durga Aarti Pdf has been made available to you in English, who is comfortable in speaking the English language, they can perform Aarti by reading Durga Aarti Pdf from this.

Durga Aarti Pdf
Durga Aarti Pdf

Om Jai Am‍be Gauri, Maiya Jai Sh‍yama Gauri ।
Tumako Nishadin Dh‍yavat, Maiya Ji Ko Sada Manavat, Hari Brahma Shivari ।।
Om Jai Am‍be Gauri ।

Maang Sindoor Viraajat, Teeko Mrgamad Ko ।
Uj‍j‍val Se Dou Naina, Nirmal Se Dou Naina, Chan‍drabadan Neeko ।।
Om Jai Am‍be Gauri ।

Kanak Samaan Kalevar, Rak‍taam‍bar Raje ।
Rak‍ta Push‍pa Galmala, Laal Kusum Galmala, Kan‍than Par Saje ।।
Om Jai Am‍be Gauri ।

Kehari Vahan Raajat, Khadag Khap‍aradhari ।
Sur Nar Munijan Sevat, Sur Nar Munijan Dhyavat, Tinake Dukhahari ।।
Om Jai Am‍be Gauri ।

Kaanan Kun‍dal Shobhit, Nasagre Moti ।
Kotik Chan‍dr Divakar, Kotik Chan‍dr Divakar, Sam Raajat J‍yoti ।।
Om Jai Am‍be Gauri ।

Shum‍bh Nishum‍bh Vidare, Mahishasur Ghati ।
Dhoomr Vilochan Naina, Madhur Vilochan Naina, Nishadin Madamati ।।
Om Jai Am‍be Gauri ।

Chan‍da Mun‍da Sanghare, Shonit Beej Hare ।
Madhukaitabh Dou Mare, Madhukaitabh Dou Mare, Sur Bhayaheen Kare ।।
Om Jai Am‍be Gauri ।

Brahmani Rudrani Tum Kamala Rani ।
Aagam Nigam Bakhani, Chaaron Ved Bakhani, Tum Shiv Patarani ।।
Om Jai Am‍be Gauri ।

Chausath Yogini Gaavat, Nrit‍ya Karat Bhairo ।
Baajat Taal Mrdanga, Baajat Dhol Mrdanga, Aru Baajat Damaroo ।।
Om Jai Am‍be Gauri ।

Tum Ho Jag Ki Mata, Tum Hi Ho Bharta ।
Bhak‍tan Ki Dukh Harata, Santan Ki Dukh Harata, Sukh-Sam‍patti Karata ।।
Om Jai Am‍be Gauri ।

Bhuja Chaar Ati Shobhit, Khadag Khap‍par Dhari ।
Manavanchit Phal Paavat, Manichchha Phal Paavat, Sevat Nar Rani ।।
Om Jai Am‍be Gori ।

Kanchan Thaal Virajat, Agar Kapoor Bati ।
Shree Maalketu Mein Raajat, Dhola Giri Par Raajat, Koti Ratan J‍yoti ।।
Om Jai Am‍be Gauri ।

Shree Am‍be Ji Ki Aarti, Jo Koi Nar Gaavai, Maiya Prem Sahit Gaaven ।
Kahat Shivanan‍d S‍vami, Ratat Harihar Svami, Manvaanchit Phal Paave ।।
Om Jai Am‍be Gauri ।

Maiya Jai Sh‍yama Gauri, Tumko Nishdin Dh‍yavat ।
Maiya Ji Ko Sada Manavat,Hari Brahma Shivari ।।
Om Jai Am‍be Gauri ।

Durga Aarti Pdf In English

If you want to download Durga Aarti Pdf in English language, then you can download Durga Aarti Pdf by clicking on the download button given below.

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Durga Aarti Pdf video

राजस्थान पाठशाला के जो भी पाठक Durga Aarti Pdf पढ़ने मे असमर्थ है उनके लिए हमने Ma Durge Aarti का विडिओ लगाया है जिसे सुनकर आप सभी पाठकगण माँ दुर्गा की आरती कर सकते है।

Durga mata ki aarti करने की विधि

दुर्गा माँ की आरती करने के लिए निम्नलिखित विधि का पालन करे। 

सर्वप्रथम इन सामग्री का इंतजाम करे:- 

  1. अम्बे गौरी की मूर्ति 
  2. दीपक 
  3. घी 
  4. कपूर 
  5. सूंघनधित धूप 
  6. फूल 
  7. माला 
  8. पूजन की थाली 
  9. आरती की थाली 

माँ दुर्गा की आरती करने की विधि:

  1. सर्वप्रथम पूजा स्थल की साफ- सफाई करे,और माँ दुर्गा की मूर्ति स्थापित करे। 
  2. उसके उपरांत माँ दुर्गा की मूर्ति को फूलों की माला पहनाए 
  3. पूजा की थाली मे दीपक, घी, कपूर, धूप, फूल आदि सामग्री रखे। 
  4. अपने दोनों हाथों से थाली को पकड़कर अम्बे माँ की मूर्ति के सामने खड़े हो जाए। 
  5. दीपक को जलाकर थाली के ऊपर घुमाये। 
  6. अब कपूर और धूप को जलाकर थाली के ऊपरघुमाये । 
  7. अब फूलों को माँ अम्बे गौरी के चरणों मे रखे। 
  8. पुनः आरती की थाली लेकर माँ दुर्गा के सामने खड़े हो जाए 
  9. आरती गाकर थाली को माँ दुर्गा के चारों और घुमाए 
  10. आरती समाप्त होने के उपरांत थाली को माँ के चरणों मे रख दे। 

नियमित Durga Aarti करने के फायदे

माँ दुर्गा की नियमित आरती के निम्नलिखित फायदे है

  1. माँ दुर्गा की नियमित आरती करने से हमारा मन शांत रहता है, हमारे मस्तिष्क को शांति मिलती है साथ ही मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहता है। 
  2. धन की वर्द्धी : माँ दुर्गा की आरती से घर मे कमाई के स्रोत बढ़ते है, तथा लक्ष्मी घर मे आती है। 
  3. स्वास्थ्य सुधार: माँ दुर्गा को स्वास्थ्य की देवी मन जाता है। माँ दुर्गा की आरती करने से शरीर को एक विशेष प्रकार की शक्ति मिलती है। 
  4. नकारात्मक की कमी: यदि घर मे माँ दुर्गा की नियमित आरती हो रही है तो घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है। 

आत्मविश्वास: माँ अम्बे की आरती करने से हमारे अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है।

निष्कर्ष:

आज की इस पोस्ट के माध्यम से हमारी टीम ने Durga Aarti Pdf उपलब्ध करवाई है साथ ही Durga Aarti करने की सम्पूर्ण विधि बताई है। हमे आशा है आपको ये पोस्ट जरूर पसंद आई होगी यदि किसी पाठक को इस पोस्ट मे किसी भी प्रकार की त्रुटि नजर आती है तो आप हमे कमेन्ट सेक्शन मे टिप्पणी कर सकते है धन्यवाद।

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